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तीन पीढ़ियों को देख चुकीं 103 वर्षीय सोमरी देवी का निधन, गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई
तीन पीढ़ियों को देख चुकीं 103 वर्षीय सोमरी देवी का निधन, गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई
Category: गया | Date: 16 Oct 2026 | 👁️ Views: 48
गयाजी से भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। मानपुर प्रखंड के कईया मायापुर गांव में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब समाजसेवी पारस यादव की मां सोमरी देवी का 103 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। तीन पीढ़ियों को अपनी आंखों के सामने बड़ा होते देखने वाली सोमरी देवी के निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव और आसपास के इलाके में भी मातम पसरा हुआ है।
कहते हैं, उम्र के साथ इंसान अपने पीछे यादों का एक ऐसा संसार छोड़ जाता है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। कुछ ऐसी ही यादें छोड़कर इस दुनिया से विदा हो गईं 103 वर्षीय सोमरी देवी। उन्होंने अपने जीवनकाल में तीन पीढ़ियों को देखा और एक भरा-पूरा परिवार छोड़कर स्वर्ग सिधार गईं। मां के निधन से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं अंतिम दर्शन और विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
तस्वीरें गयाजी जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत कईया मायापुर गांव की हैं, जहां 103 वर्षीय सोमरी देवी के निधन के बाद शोक का माहौल है। सोमरी देवी समाजसेवी पारस यादव की मां थीं। लंबी उम्र जीने वाली सोमरी देवी ने अपने जीवन में तीन पीढ़ियों को देखा। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
मां को अंतिम विदाई देने के लिए गांव से गाजे-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग नम दिल से उन्हें अंतिम विदाई दे रहे थे।
गांव से निकली अंतिम यात्रा गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद श्मशान घाट पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके पुत्र पारस यादव ने मुखाग्नि देकर अपनी मां को अंतिम विदाई दी।
इस दुखद मौके पर पारस यादव के साथ अनिल यादव, पप्पू कुमार, गौतम कुमार, पवन कुमार और विपिन कुमार समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं टैक्स अध्यक्ष सत्येंद्र यादव, प्रखंड अध्यक्ष किशोरी यादव और डीलर बेणेश्वर यादव सहित कई गणमान्य लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
इसके अलावा डेल्हा-परैया रोड स्थित मायके पक्ष से मन्नू यादव, लिली यादव, बबलू कुमार, विक्की कुमार, पिंटू कुमार समेत बड़ी संख्या में परिजन और शुभचिंतक भी अंतिम विदाई देने पहुंचे।
103 वर्षों का जीवन, तीन पीढ़ियों का साथ और पीछे छूट गया यादों से भरा एक परिवार। सोमरी देवी का जाना परिवार के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। उनके निधन से पूरे परिवार में शोक व्याप्त है। इस दुख की घड़ी में लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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