शेरघाटी राष्ट्रीय लोक अदालत में 654 मामलों का निपटारा, 76.33 लाख रुपये का समझौता
Category: गया | Date: 12 Sep 2026 | 👁️ Views: 178
शेरघाटी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय, शेरघाटी में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें आपसी सुलह और समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकृति के कुल 654 मामलों का निष्पादन किया गया। बैंक से जुड़े 271 मामलों में 76 लाख 33 हजार 70 रुपये का समझौता हुआ। इसके अलावा बीएसएनएल, ग्राम कचहरी, अन्य सुलहनीय मामलों तथा 54 ट्रैफिक चालान का भी निपटारा किया गया।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया डॉ. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत के सफल संचालन के लिए पांच बेंच गठित किए गए थे। बेंच संख्या 27 में एससीजीएम प्रथम राजेश कुमार सिंह व पैनल अधिवक्ता विजय कुमार, बेंच संख्या 28 में एससीजीएम द्वितीय प्रीति कुमारी व पैनल अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता, बेंच संख्या 29 में एसडीजेएम आलोक कुमार व पैनल अधिवक्ता सुधीर कुमार, बेंच संख्या 30 में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मोहम्मद एहसान रशीद व पैनल अधिवक्ता मोहम्मद नसीम अख्तर तथा बेंच संख्या 31 में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार व पैनल अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने मामलों की सुनवाई की।
लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज प्रथम-सह-अध्यक्ष, अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, शेरघाटी लवकुश कुमार ने किया। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी जतिन कुमार, एसडीपीओ शेरघाटी, सभी न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, बार एसोसिएशन शेरघाटी के सचिव सुधीर कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
बैंकों के 271 मामलों का हुआ समझौता
लोक अदालत में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भूमि विकास बैंक, मगध कॉपरेटिव बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, बिहार ग्रामीण बैंक समेत विभिन्न बैंकों से संबंधित 271 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में कुल 76,33,070 रुपये का समझौता हुआ। इसके अतिरिक्त बीएसएनएल के चार मामलों तथा ग्राम कचहरी एवं अन्य सुलहनीय प्रकृति के 325 मामलों का भी निपटारा किया गया। वहीं 54 ट्रैफिक चालान मामलों का निष्पादन किया गया।
विभिन्न विभागों की रही भागीदारी
लोक अदालत में माइंस एंड मिनरल्स विभाग, वन विभाग, माप-तौल विभाग, श्रम विभाग, ट्रैफिक एवं डीटीओ विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया गया। इस बार अनुमंडल पदाधिकारी के स्तर से भी लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन की पहल की गई। इससे लोक अदालत की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ी।
समय और धन की होती है बचत : लवकुश कुमार
उद्घाटन के दौरान जिला जज प्रथम-सह-अध्यक्ष अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति लवकुश कुमार ने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसमें पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है। आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान होने से दोनों पक्षों को राहत मिलती है।
एसडीओ जतिन कुमार ने भी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इसकी सुविधा का लाभ उठाने की अपील की। एससीजीएम प्रथम राजेश कुमार सिंह, एससीजीएम द्वितीय प्रीति कुमारी एवं एसीजेएम प्रथम ने भी लोक अदालत के माध्यम से विवादों के सरल, सुलभ और शीघ्र समाधान के बारे में जानकारी दी।
लोक अदालत को सफल बनाने में अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के कर्मचारी मनीष प्रकाश, सभी पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक दानिश अहमद व सुचित पासवान, पीठ लिपिक, पेशकार, बेंच क्लर्क एवं अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विधिक सेवा कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयास से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई।
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