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जाम से मुक्ति को शेरघाटी में भारी वाहनों की नो-एंट्री, सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेगा प्रतिबंध
जाम से मुक्ति को शेरघाटी में भारी वाहनों की नो-एंट्री, सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेगा प्रतिबंध
Category: गया | Date: 07 Sep 2026 | 👁️ Views: 157
शेरघाटी शहर को रोजाना लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नगर क्षेत्र में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भारी और बड़े व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी है। अनुमंडल पदाधिकारी सह आइएएस अधिकारी जतिन कुमार ने सोमवार को बाजार के निरीक्षण के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नो-एंट्री को लेकर जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। निर्धारित अवधि में नियम तोड़कर शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
थाना मोड़ से प्रखंड कार्यालय तक आए दिन लगने वाले जाम की समस्या को लेकर एसडीएम जतिन कुमार, अंचलाधिकारी उषा कुमारी और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी ने कर्मियों के साथ सोमवार को पूरे बाजार का पैदल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अंडरब्रिज, मुख्य बाजार, गोला रोड और थाना मोड़ से प्रखंड कार्यालय पथ समेत जाम प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सड़क की चौड़ाई, वाहनों की आवाजाही, सड़क किनारे लगे फल-सब्जी के ठेले, अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण की स्थिति देखी गई। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से भी यातायात की समस्या के बारे में जानकारी ली।
भारी वाहनों की आवाजाही जाम की प्रमुख वजह
एसडीएम ने कहा कि थाना मोड़ से प्रखंड कार्यालय तक लगने वाले जाम में भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रमुख कारण है। निर्धारित समय में नो-एंट्री लागू होने के बाद बड़े व्यावसायिक वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इससे मुख्य बाजार में वाहनों का दबाव कम होने और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
सड़क किनारे दुकानें भी बन रहीं जाम की वजह
शहर में जाम की दूसरी बड़ी वजह सड़क किनारे फल, सब्जी और अन्य अस्थायी दुकानों का लगना है। ठेले-खोमचे और दुकानें सड़क तक फैल जाने से आवागमन के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है। दोनों ओर से वाहनों के आने पर रास्ता और संकरा हो जाता है और देखते ही देखते जाम की स्थिति बन जाती है।
प्रशासन सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की तैयारी में है। एसडीएम ने कहा कि फल और ठेले-खोमचे वालों को अचानक हटाकर उनके रोजगार पर असर नहीं डाला जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंप के समीप, होटल केके पैलेस के सामने खाली भूखंड और नदी किनारे के इलाके का निरीक्षण किया गया है।
वैकल्पिक स्थल पर बसेंगे दुकानदार, बनेगा वेंडिंग जोन
उपयुक्त स्थानों का चयन कर फल-सब्जी विक्रेताओं और ठेले-खोमचे वालों को धीरे-धीरे वहां शिफ्ट किया जाएगा। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी ने कहा कि मुख्य सड़क और फुटपाथ पर मनमाने ढंग से दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जरूरत के अनुसार चिह्नित स्थानों पर वेंडिंग जोन भी विकसित किया जाएगा।
उन्होंने दुकानदारों से सड़क को बाधित नहीं करने और शहर को व्यवस्थित बनाने में नगर परिषद का सहयोग करने की अपील की।
एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी परेशानी
बाजार में जाम के कारण एंबुलेंस, स्कूली वाहनों और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी होती है। कई बार कुछ मिनट की दूरी तय करने में काफी समय लग जाता है। स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षदों ने प्रशासन की पहल का स्वागत किया है। लोगों ने मांग की है कि नो-एंट्री और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखी जाए, ताकि जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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