रजिस्ट्रेशन और यू-डाइस कोड की समस्या पर निजी स्कूल संचालक मुखर
Category: गया | Date: 13 Jun 2026 | 👁️ Views: 82
भारतीय स्वतंत्र शिक्षक संघ की बैठक में उठे कई मुद्दे, कहा- बिना कारण आवेदन अस्वीकार होने से बढ़ रही परेशान
निजी विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन और यू-डाइस (यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) कोड प्राप्त करने में हो रही परेशानियों को लेकर शेरघाटी में निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। भारतीय स्वतंत्र शिक्षक संघ (बीएसएस) की अनुमंडल इकाई की बैठक गोला बाजार स्थित जेपी चौक के समीप जेपी मेमोरियल स्कूल में आयोजित की गई, जिसमें अनुमंडल क्षेत्र के दर्जनों निजी विद्यालयों के संचालक शामिल हुए।
बैठक में विद्यालय संचालकों ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन एवं यू-डाइस कोड के लिए आवेदन किए जाने के बावजूद कई विद्यालयों को अब तक कोड उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं, कई विद्यालयों के आवेदन बिना किसी स्पष्ट कारण के अस्वीकार कर दिए जा रहे हैं। इससे विद्यालय संचालन और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं के अनुपालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
संचालकों का कहना था कि यू-डाइस कोड किसी भी विद्यालय की शैक्षणिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। इसके अभाव में विद्यार्थियों से संबंधित कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में विभाग को इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना चाहिए ताकि विद्यालयों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जांच को लेकर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि शिक्षा विभाग द्वारा एक बार फिर निजी विद्यालयों की जांच कराई जा सकती है। इसे लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने सभी विद्यालय संचालकों से सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की। कहा गया कि विद्यालयों को भवन, शिक्षक, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक मानकों को समय रहते पूरा कर लेना चाहिए ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हालांकि, संचालकों ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी विद्यालय किसी भी प्रकार की जांच से नहीं डरते और पूरी पारदर्शिता के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन जांच की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए तथा इसे विद्यालयों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन की अवधि पांच वर्ष करने की मांग
बैठक में कई सदस्यों ने विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन की वैधता अवधि बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में बार-बार नवीकरण की प्रक्रिया से विद्यालयों को प्रशासनिक और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसलिए रजिस्ट्रेशन की अवधि कम से कम पांच वर्ष निर्धारित की जानी चाहिए, जिससे विद्यालय संचालकों को राहत मिल सके।
संगठन के सदस्यों ने सरकार से मांग की कि निजी विद्यालयों को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उनके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। साथ ही रजिस्ट्रेशन, यू-डाइस कोड और अन्य प्रशासनिक कार्यों में विभागीय सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
सदस्यों को किया गया सम्मानित
बैठक के दौरान संगठन से जुड़े सक्रिय सदस्यों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष बृज राज, सचिव विनोद मेहरवार, उपाध्यक्ष सुरेश प्रसाद, सह सचिव उदय भास्कर तथा कोषाध्यक्ष इंजीनियर संतोष कुमार ने विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक कृष्ण प्रसाद ने की, जबकि संचालन कौशलेंद्र कुमार और कैफी खान ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में अनुमंडल अध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा, सचिव कौशलेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष शशिकांत कुमार, कोषाध्यक्ष हारून रशीद, सह सचिव कुणाल किशोर, चंदन कुमार मिश्रा, विजय कुमार, संजय दिवाकर, शाश्वत नाथ, प्रियंका कुमारी, सौरभ कुमार सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।
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प्रमुख मांगें
यू-डाइस कोड जारी करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
बिना कारण आवेदन अस्वीकार करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।
विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन की वैधता अवधि पांच वर्ष की जाए।
जांच के नाम पर विद्यालयों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
निजी विद्यालयों को शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में विभागीय सहयोग मिले।
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