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Big breaking गयाजी मे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार; 15 मोबाइल, 6 लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
Big breaking गयाजी मे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार; 15 मोबाइल, 6 लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
Category: गया | Date: 07 Aug 2026 | 👁️ Views: 533
गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 09 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 15 मोबाइल फोन, 06 लैपटॉप, 22 विभिन्न बैंकों के एटीएम/क्रेडिट-डेबिट कार्ड, 04 लैपटॉप चार्जर, 05 माउस, 01 वाई-फाई मशीन, 500 जीबी हार्ड डिस्क, एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक तथा 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
एसएसपी ने बताया की गया पुलिस को सूचना मिली कि व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड नंबर-06 स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर बाहरी राज्यों के कुछ लोग किराये पर रहकर संगठित साइबर ठगी का संचालन कर रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-04 (सी) पर छापेमारी की।
पुलिस टीम फ्लैट के अंदर पहुंची, वहां मौजूद 09 युवक फर्श पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त थे। पुलिस को देखते ही सभी घबरा गए और आनन-फानन में अपने लैपटॉप और मोबाइल बंद करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्काल सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक कार्ड और अन्य डिजिटल सामान बरामद हुआ, जिससे स्पष्ट हो गया कि यहां संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे।
इसके लिए गिरोह AnyDesk, UltraViewer, Port SIP Client जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करता था। पहले वे ग्राहकों को सहायता देने का झांसा देते, फिर उनके मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे।
इसके बाद TextPlus जैसे एप्लिकेशन की मदद से फर्जी आईडी तैयार कर अपने अन्य साथियों के सहयोग से पीड़ितों के बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीय डेटा तक पहुंच बना लेते थे। अंत में लिंक और ओटीपी के जरिए बैंक खातों से रुपये निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया की यह गिरोह तकनीकी रूप से काफी प्रशिक्षित था और बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध कर रहा था।
कोलकाता से जुड़े तार, सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के निवासी
गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में नवेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव मान, इंजमाम आलम, सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन और मोहम्मद शाहिद शामिल हैं
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी किराये के फ्लैट में रहकर साइबर ठगी के इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
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