देश सेवा का सपना लेकर सेना में गया बांकेबाजार का लाल, असमय निधन से गांव में पसरा मातम
Category: गया | Date: 12 Oct 2026 | 👁️ Views: 16
देश की रक्षा और सेवा का सपना लेकर भारतीय सेना में शामिल हुए शेरघाटी अनुमंडल के बांकेबाजार प्रखंड के युवा अग्निवीर सुभाष कुमार चौधरी के असमय निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस बेटे को माता-पिता ने गर्व के साथ देश की सेवा के लिए सेना में भेजा था, उसके असमय दुनिया से चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जमुआराखुर्द गांव में मातम पसरा है। गांव के लोग और परिचित इस दुखद खबर से मर्माहत हैं। हर किसी की जुबान पर वीर जवान सुभाष का नाम है और आंखें नम हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमुआराखुर्द गांव निवासी गया चौधरी और मनवा देवी के पुत्र सुभाष कुमार चौधरी वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में बहाल हुए थे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी तैनाती राजस्थान के जैसलमेर में थी। कम उम्र में सेना में भर्ती होकर उन्होंने देश सेवा के अपने सपने को साकार किया था। परिवार को भी उनसे काफी उम्मीदें थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के क्रम में उनका निधन हो गया।
*ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, अजमेर में चल रहा था इलाज*
मिली जानकारी के मुताबिक, जैसलमेर में ड्यूटी के दौरान डीजल से संबंधित काम करते समय सुभाष की तबीयत बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि डीजल खींचने की कोशिश के दौरान तेल उनके मुंह के रास्ते पेट में चला गया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अजमेर ले जाया गया। वहां करीब एक सप्ताह तक उनका उपचार चला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
हालांकि, घटना की परिस्थितियों और चिकित्सकीय कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सैन्य या चिकित्सा प्राधिकारियों से होना बाकी है।
*माता-पिता के सपनों पर टूटा दुखों का पहाड़*
सुभाष के निधन की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता के लिए यह दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस बेटे को उन्होंने बेहतर भविष्य और देश की सेवा के लिए सेना में भेजा था, उसके असमय चले जाने से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जवान बेटे की मौत ने परिजनों को भीतर तक झकझोर दिया है।
सुभाष के परिवार में माता-पिता के अलावा उनके दो भाई जितरन कुमार और गुड्डू हैं। बड़े भाई जितरन की उम्र करीब 20 वर्ष, जबकि गुड्डू की उम्र करीब 17 वर्ष बताई गई है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं।
*13 अक्टूबर की सुबह 10 बजे पहुंचेगा पार्थिव शरीर*
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, अग्निवीर सुभाष कुमार चौधरी का पार्थिव शरीर मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे क्षेत्र में पहुंचेगा। इसके बाद उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी जाएगी। अपने गांव के वीर सपूत के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है।
गांव और आसपास के लोग इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। एक युवा सैनिक का असमय दुनिया से विदा हो जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। सुभाष ने देश सेवा के जिस संकल्प के साथ सेना की वर्दी पहनी थी, वह संकल्प और उनका समर्पण लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
**वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि*
*न्यूज वन भारत की ओर से*
अग्निवीर सुभाष कुमार चौधरी का निधन केवल उनके परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है। देश की सेवा में समर्पित इस युवा जवान को क्षेत्रवासी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और माता-पिता सहित पूरे परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।
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