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देश सेवा करते हुए जिंदगी की जंग हार गया बांकेबाजार का अग्निवीर सुभाष, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
देश सेवा करते हुए जिंदगी की जंग हार गया बांकेबाजार का अग्निवीर सुभाष, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
Category: गया | Date: 13 Oct 2026 | 👁️ Views: 20
देश की रक्षा और सेवा का संकल्प लेकर भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए शेरघाटी अनुमंडल के बांकेबाजार प्रखंड के जमुआराखुर्द गांव निवासी 22 वर्षीय सुभाष कुमार चौधरी के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। राजस्थान के जैसलमेर में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद करीब डेढ़ सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाले सुभाष ने सोमवार को अजमेर के अस्पताल में अंतिम सांस ली। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव जमुआराखुर्द लाया गया। अपने गांव के लाल का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। नम आंखों से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और अंतिम विदाई दी।
सुभाष कुमार चौधरी गांव के गया चौधरी और मनवा देवी के पुत्र थे। वर्ष 2023 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होने के बाद उन्होंने देश की सेवा को अपना लक्ष्य बनाया था। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं। माता-पिता ने बेटे को देश की रक्षा के लिए सेना में भेजा था, लेकिन जवान बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना से पूरे गांव में मातम पसरा है।
*झांसी से जैसलमेर जा रहे सेना के काफिले में ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुभाष कुमार चौधरी की तैनाती राजस्थान के जैसलमेर में थी। बताया जाता है कि वह झांसी से जैसलमेर की ओर जा रहे सेना के काफिले की ड्यूटी में शामिल थे। इसी दौरान डीजल निकालने के क्रम में उनके साथ हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक, ड्रम से पाइप के सहारे डीजल खींचने की कोशिश के दौरान कुछ मात्रा में डीजल उनके मुंह के रास्ते पेट में चला गया। इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
*अजमेर में करीब डेढ़ सप्ताह तक चला इलाज*
हादसे के बाद सुभाष को बेहतर उपचार के लिए राजस्थान के अजमेर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया गया। बताया जाता है कि वह करीब डेढ़ सप्ताह तक जिंदगी के लिए संघर्ष करते रहे और उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया था। परिजनों और शुभचिंतकों को उनके स्वस्थ होने की उम्मीद थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जवान के निधन की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
*पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम*
मंगलवार को सुभाष का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जमुआराखुर्द लाया गया। अपने गांव के युवा अग्निवीर को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, आसपास के गांवों के लोग और शुभचिंतक पहुंचे। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। हर कोई शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाने में जुटा था। गांव के लोगों ने सुभाष के निधन को पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
*बेटे को खोने से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़*
सुभाष के निधन से उनके माता-पिता गया चौधरी और मनवा देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटे को उन्होंने बेहतर भविष्य और देश की सेवा के सपने के साथ सेना में भेजा था, उसी बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। एक युवा सैनिक का इस तरह दुनिया से चले जाना न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गहरा आघात है।
सुभाष ने वर्ष 2023 में अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती होकर देश सेवा की राह चुनी थी। उनके निधन से गांव ने एक ऐसे युवा को खो दिया, जिससे लोगों को काफी उम्मीदें थीं। उनके जाने से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग नम आंखों से अपने वीर सपूत को याद कर रहे हैं।
*न्यूज 11 भारत की ओर से*
**भावपूर्ण श्रद्धांजलि:** देश सेवा के प्रति समर्पित अग्निवीर सुभाष कुमार चौधरी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त माता-पिता एवं परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।
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